एसएंडपी ग्लोबल ने भारत की फॉरेन एंड लोकल करेंसी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को बीबीबी (-) लांग टर्म और ए-3 शॉर्ट टर्म पर बरकरार रखा

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रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने शुक्रवार को भारत की फॉरेन एंड लोकल करेंसी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को बीबीबी (-) लांग टर्म और ए-3 शॉर्ट टर्म पर बरकरार रखा। उसने कहा कि भारत के लांग टर्म रेटिंग को लेकर उसका आउटलुक स्थिर (स्टेबल) है। वैश्विक कोरोनावायरस महामारी के कारण इस कारोबारी साल (2020-21) में भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड गिरावट आएगी।

एजेंसी ने हालांकि कहा कि अगले कारोबारी साल से भारत के रियल जीडीपी विकास में सुधार दिखने लगेगा। रेटिंग एजेंसी के स्केल पर बीबीबी (-) सबसे खराब इन्वेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग है। इस रेटिंग का मतलब यह है कि देश के पास अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने की समुचित क्षमता है, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण देश के सामने जोखिम बना हुआ है।

फॉरेक्स रिजर्व में तेज बढ़ोतरी से देश के एक्सटर्नल सेटिंग में सुधार हुआ

एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि देश की कमजोर वित्तीय संरचना इस साल और खराब होगी, इसके कारण सरकार को राहत देने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। लेकिन फॉरेक्स रिजर्व में तेज बढ़ोतरी के कारण देश के एक्सटर्नल सेटिंग में सुधार हुआ है। स्थिर आउटलुक का मतलब यह है कि इस कारोबारी साल की गिरावट के बाद अगले कारोबारी साल से अर्थव्यवस्था में तेजी आ जाएगी और देश के क्रेडिट प्रोफाइल में स्थिरता आ जाएगी। अगले 24 महीनों में सरकार की फंडिंग जरूरतें बढ़ने के बावजूद मजबूत एक्सटर्नल सेटिंग सरकार की वित्तीय कठिनाइयों के सामने बफर का काम करेगा।

कोरोनावायरस का देश की अर्थव्यवस्था पर बेहद बुरा असर हुआ

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि कोरोनावायरस का देश की अर्थव्यवस्था पर बेहद बुरा असर हुआ है। कोरोनावायरस से पहले वाली स्थिति के मुकाबले उत्पादन में करीब 13 फीसदी का स्थायी नुकसान हुआ है। भारत की प्रमुख क्रेडिट कमजोरियां (ऊंचा जनरल गवर्मेंट डिफिसिट और भारी-भरकम कर्ज) और बढ़ गई हैं। धीमी आर्थिक रिकवरी से इस कारोबारी साल में सरकार का रेवेन्यू आउटलुक भी कमजोर होगा।

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बीबीबी (-) सबसे खराब इन्वेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग है, इस रेटिंग का मतलब यह है कि देश के पास अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने की समुचित क्षमता है, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण देश के सामने जोखिम बना हुआ है