कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते बाजार में भारी बिकवाली, बीते 5 दिनों में मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपए घटा https://ift.tt/3cpEO1c कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते घरेलू शेयर बाजार में आज भी भारी गिरावट है। शेयर बाजार आज लगातार छठवें दिन भी लाल निशान में कारोबार कर रहा है। 11.51 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 37 हजार और निफ्टी 11 हजार के स्तर से नीचे आ गया है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट में भी 2 लाख करोड़ रुपए घटकर 150 लाख करोड़ रुपए हो गया है। शुरुआती एक से दो घंटे में घरेलू शेयर बाजार 700 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 36,964 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले 7 दिनों में निफ्टी 800 अंक और बैंक निफ्टी 18 दिनों में 4,380 अंक टूट चुका है। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और मेटल इंडेक्स में भी भारी बिकवाली है। 11.17 बजे तक ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी गिरकर 7,460.25 पर और मेटल इंडेक्स 3.46 फीसदी नीचे 2,128.85 के स्तर पर पहुंच गए हैं। सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर कंपनी LTP गिरावट (%) लॉरस लैब्स 1269.00 7.00 इंडर ग्लोब एविएशन 1203.20 6.20 अशोक लेलैंड 69.55 5.50 रूचि सोया 425.00 5.00 एनएमडीसी 76.70 4.36 महिंद्रा एंड महिंद्रा 586.00 4.34 टाटा मोटर्स 125.70 4.34 बीएसई सेंसेक्स बीते एक महीने में 1,700 अंक टूटकर 37,007.66 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप 2 लाख करोड़ घटा है। मार्केट कैप 5 दिन में 159 लाख करोड़ रु. से 9 लाख करोड़ रुपए घटकर 150 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर आ गया है। बाजार में गिरावट की वजह कमजोर ग्लोबल संकेत: भारतीय शेयर बाजार का रुख ग्लोबल बाजारों के अच्छे संकेतों पर भी निर्भर करता है। जो फिनसेन फाइल लीक (FinCEN Files Leaks) मामले के चलते दबाव में चल रहे है। इसमें दुनियाभर के प्रमुख बैंकों के नाम आ रहे हैं। यह फाइल अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से संबंधित है। इसमें ग्लोबल बैंकों के वित्तीय लेनदेन की लेखाजोखा होता है। बुधवार को अमेरिकी बाजार में भारी बिकवाली रही थी। इसमें नैस्डेक 3 फीसदी, डाउ जोंस 2 फीसदी और एसएंडपी 2.37 फीसदी नीचे बंद हुए थे। इसके अलावा एशियाई मार्केट भी गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। शंघाई कंपोजिट 2 के करीब और जापान निक्केई भी 1 फीसदी ने कारोबार कर रहा है। बढ़ता कोरोना का प्रकोप: भारत सहित दुनियाभर में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। covid19india.org के मुताबिक भारत में कुल कोरोना के मामले 57 लाख के पार पहंच गया है। दुनियाभर में यह आंकड़ा 3.21 करोड़ के पार पहुंच गया है। ऐसे में बिजनेस ग्रोथ के आंकड़े में सुधार के कम ही आसार हैं। केयर रेटिंग्स ने अनुमान जताया है कि इकोनॉमी में ग्रोथ चालू वित्त वर्ष के अंत तक शायद ही दिखाई दे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्रालय को भी इकोनॉमी इस वित्त वर्ष में वी शेप (v) रिकवरी की कम ही उम्मीद है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today BSE Sensex Stock Market Update, Market Capitalization News: Largest Companies Market Cap in 5 Days Up and Down

via Dainik Bhaskar
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